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Option trading in hindi। Option trading क्या होती है इसे पूरा समझे।

                 Option trading in hindi

Option trading क्या है –

Option trading के बारे में जानने से पहले सबसे पहले हमें options शब्द के बारे मे समझना होगा। मुख्यतः options एक प्रकार के Derivatives होते है। यहाँ Derivatives शब्द Derive से निकला है जिसका मतलब है किसी चीज से व्यूतपन्न होना।

दूसरे शब्दों मे हम कह की किसी चीज से निकलना। इसको हम एक उदाहरण से समझते है की options क्या होते है। उदाहरण के लिए मेरे पास एक गुप्त खबर आती है किसी गांव मे कोई बड़ी फैक्ट्री लगने वाली है। परन्तु यह गांव मे किस जमीन पर लगेगी इसके बारे मे मुझे कुछ नहीं पता।

अब मुझे यह तो पता है की इस गांव की जमीन की कीमते बढ़ने वाली है। परन्तु यह नहीं पता की यह जमीन कोनसी होंगी। क्योंकि जिस जमीन मे फैक्ट्री लगेगी उसको छोड़ कर बाकि की जमीन की क़ीमत घट भी सकती है क्योंकि बाकि की जमीन फैक्ट्री की वजह से प्रदूषित हो जाएगी और खेती करने लायक भी नहीं रहेगी।

अब मै जमीन खरीदने की इच्छा से उसे गांव में जाता हूं। और वहां एक किसान से मिलता हूं जो अपने जमीन बेचने के लिए तैयार हो जाता है। परंतु मुझे पता है कि इस जमीन की कीमत घट भी सकती है और बढ़ भी सकती है। इसलिए मैं उसे किसान को बोलता हूं कि मैं अभी आपको 1 लाख रूपये दे देता हूं। जिस कारण वह किसान इस जमीन को किसी और को ना बेच सके।

इसके बाद मै उस किसान को बोलता हूँ की बाकी का पैसा में 2 महीने बाद चुकता कर दूंगा। इस बात पर मैं और वह किसान एक कॉन्ट्रैक्ट मे बंध जाते है। परंतु 2 महीने बाद वह फैक्ट्री किसी और जमीन में बन जाती है। जिससे इस जमीन की कीमत घट कर 30 लाख से घट कर 20 लाख हो जाती है।

अब मेरे पास दो options है। या तो मै वो 1 लाख रूपये छोड़ दूं जिनको देकर मैंने यह जमीन बुक की थी और 9 लाख के नुकसान से बच जाऊं। या फिर मैं घटी हुई क़ीमत 20 लाख की जमीन को 30 लाख में खरीद लू और 10 लाख का नुकसान उठाऊ। और मैंने पहला तरीका अपनाया और मैंने अपना बुकिंग अमाउंट 1 लाख को छोड़ 9 लाख का नुकसान होने से बचाया।

क्योंकि अगर मै उस समय जमीन खरीद लेता और पुरे पैसे देता तो मुझे ज्यादा नुक्सान होता। परन्तु मैंने बुकिंग अमाउंट के साथ अपना 9 लाख का नुक्सान बचाया। परंतु अगर वह फैक्ट्री इसी जमीन में बन जाते हैं तो यही 30 लाख की जमीन 50 लाख की हो जाती। और हम 20 लाख रूपये बचा लेते।

इसी प्रकार यह कॉन्ट्रैक्ट एक Derivative है जो उस जमीन की कीमत पर निर्भर करता है। क्योंकि अगर जमीन की क़ीमत कम होती है तो इस कॉन्ट्रैक्ट की क़ीमत कम हो जाती है। परन्तु अगर जमीन की क़ीमत बढ़ती है तो इस कॉन्ट्रैक्ट की कीमत भी बढ़ जाती है।

ठीक इसी प्रकार ऑप्शन ट्रेडिंग में भी Derivatives होते हैं जिनकी कीमत किसी stock, indices, commodity इत्यादि पर निर्भर करता है। क्योंकि ये derivative इन्ही से derive करते है।

जैसे ही हम किसी Banknifty के option contract को खरीद लेते है तो इसकी क़ीमत इस बात पर निर्भर करेगी की Banknifty के indices की क़ीमत घटेगी या बढ़ेगी। क्योंकि जैसे – जैसे बैंक निफ़्टी indices की कीमत बढ़ेगी तो इस ऑप्शन contract की क़ीमत भी बढ़ेगी और इसके विपरीत जैसी ही क़ीमत घटेगी तो इस कॉन्ट्रैक्ट की क़ीमत भी घटेगी।

उदाहरण के लिए Banknifty indices अब 47000 है और इसके call option की क़ीमत 400 रूपये है तो जैसे – जैसे indices 47000 से ऊपर जायेगा तो इसके call option की क़ीमत 400 रूपये से ज्यादा होती जाएगी। और जैसे ही indices 47000 से कम आएगा इस call option की क़ीमत घटती जाएगी।

इसी प्रकार यह method put option मे इसके विपरीत होगा। मतलब जैसे ही indices बढ़ेगा put option की क़ीमत घटेगी। और जैसे ही indices गिरेगा put option की क़ीमत बढ़ेगी।

Option trading की शुरुआत कैसे करें –

Option trading को शुरू करने से पहले हमारे पास सबसे पहले Demat account का होना जरूरी है। क्योंकि

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